डिस्टेंस लर्निंग के लिए कैसे करें भारत में बेस्ट एमबीए कॉलेजों का चयन ?

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इंसान में अगर मजबूत इच्छा शक्ति हो तो वह उम्र, हालात और विपरीत परिस्थितियों को पीछे छोड़ते हुए हर वक्त कुछ न कुछ नया चीज सीख सकता है। अगर आपके पास भी ऐसा ही कुछ जज्बा है तो निश्चय ही आप एजुकेशनल सेक्टर्स में भी आगे बढ़ सकते हैं। डिस्टेंस लर्निंग के माध्यम से एमबीए द्वारा मैनेजमेंट की शिक्षा प्राप्त की जा रही है। हालांकि एक रेप्युटेडेट संस्थान से एमबीए करने का अभी भी कोई मुकाबला नहीं है लेकिन उच्च गुणवत्ता वाली ऑनलाइन लर्निंग के जरिये कई संस्थान एमबीए कोर्स ऑफर कर रहे हैं जिसे आप अपने हिसाब से पूरा कर सकते हैं। डिस्टेंस लर्निंग ने शिक्षा को वास्तव में पुनर्भाषित किया है। इसलिए आप कह सकते हैं कि रेगुलर/फुलटाइम  एमबीए और डिस्टेंस एमबीए के बीच में दूरी का फर्क सिर्फ 'एलीमेंट ऑफ डिस्टेंस' है। डिस्टेंस लर्निंग के बहाने आप खुद को जॉब मार्केट की जरूरतों के अनुकूल बना सकते हैं।

हमने कुछ ऐसे कारकों की पहचान करने की कोशिश की है जो छात्रों को डिस्टेंट लर्निग प्रोग्राम में दाखिला लेने का निर्णय लेते समय एक उचित मार्गदर्शन करती है l

फ्लैक्सीबिलिटी
डिस्टेंस एमबीए में छात्रों के पास यह स्वतंत्रता होती है कि वे कभी भी, कहीं से स्टडी कर सकते हैं। इसलिए, जब वे स्टडी करते हैं तो उन्हें नौकरी के दौरान भी किसी तरह की विवशता का सामना नहीं करना पड़ता । नौकरी कर रहे लोगों के लिए तो डिस्टेंस एमबीए निश्चित रूप से लाभदायी रहा है। डिस्टेंस लर्निंग की वजह से आज कई महिलाएं घर बैठे एजुकेशन पाकर न सिर्फ डिग्री हासिल की है, बल्कि उच्च पदों पर जॉब भी कर रही हैं । डिस्टेंस एमबीए प्रोगाम से कई लोग नौकरी को प्रभावित किए बिना मैनेजमेंट में मास्टर की डिग्री हासिल कर रहे हैं।  इस प्रोगाम से उन्हें वास्तविक दुनिया का कारोबार / दफ्तर के माहौल में स्किल को सीखने में मदद मिलती है जिसे वे ऑफिस में लागू कर सकते हैं।

प्रोफेशनल लाइफ
इसलिए, एक सामान्य एमबीए चुनने की बजाय, प्रोमोशन हासिल करने के लिए कई लोग डिस्टेंस एमबीए करना पंसद करते हैं। इससे मैनेजर के पदों पर प्रोमोशन हो रहा है क्योंकि कुछ संस्थानों में प्रोमोशन के लिए एमबीए की डिग्री आवश्यक है। इस तरह के मामलों के लिए लोग रेगुलर एमबीए करने की बजाए डिस्टेंस से एमबीए करने को वरीयता देते हैं, इससे समय के साथ-साथ पैसे की भी बचत होती है। प्रोगाम द्वारा समय और सिलेबस को  पूरा करने के क्रम  में थोड़ी बहुत छुट के कारण छात्र बिजनेस सिनेरियो के माध्यम से मैनेजेरियल समझ के साथ-साथ रेगुलर पढ़ाई भी जारी रख सकते।

कॉस्ट फैक्टर
डिस्टेंस के माध्यम से एमबीए करने से आपके पैसों की भी बचत होती है। जैसे- एक बिजनेस स्कूल से रेगुलर एमबीए करने पर बड़ी मात्रा में फीस लगती है और इसके लिए कई बार छात्रों को ऊंची दरों पर एजूकेशन लोन तक लेना पडता हैं। रेगुलर एमबीए की तुलना में डिस्टेंस से एमबीए करने में कम खर्चा आता है।

पैसा और रेट ऑफ इंटरेस्ट
डिस्टेंस एमबीए डिग्री की वैल्यू उस संस्थान पर भी निर्भर करती हैं जहां से  यह हासिल की जा रही है। चूंकि मॉड्यूल और एक डिस्टेंस एमबीए सिलेबस और रेगुलर एमबीए सिलेबस
में आम तौर पर समानता हैं, इसलिए संस्थान द्वारा प्रदान की जा रही डिग्री भी बहुत मायने रखती है।

टीचिंग प्रोसेस और टेक्नोलॉजी
टेक्नोलॉजी विकसित होने के साथ-साथ डिस्टेंस लर्निग शिक्षा कार्यक्रम में भी वृद्धि हो रही है। छात्रों के पास लाइव फेस-टू-फेस वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से अपने टीचरों और सहपाठियों से आमने सामने  होने का मौका साप्ताहिक आधार पर मिलता रहता है। इस डिस्कशन में छात्रों को पूर्ण भागीदारी की अनुमति होती है; वे अपने समूहों के साथ क्लास और बाकी के साथ चर्चा कर सकते हैं। और बाकि के बचे हुए सप्ताह में वे अपनी पुस्तक के माध्यम से सीख सकते हैं। वर्चुअल कॉन्फ्रेस, चैट, ओपन रियल चैट के माध्यम से आप वीकेंड पर अपने सवालों के जवाब एक्सपर्ट से पा सकते हैं। ओपन इकनॉमी के दौर में रिटायरमेंट के बाद भी कंपनियां अपने ही हाई क्वॉलिफाइड कर्मचारियों या दूसरे अनुभवी कर्मचारियों को जगह दे रही हैं, जो डिस्टेंस लर्निंग से संभव हुआ है।

कॉमन डिनोमिनेटर
हालांकि, बिजनेस स्कूलों का चयन करने के दौरान कई कारक आम कारक होते हैं जो रेगुलर और डिस्टेंस एमबीए करने वाले छात्रों के लिए समान रहते हैं। लेकिन जब क्वालिटी का आकलन करने की बात आती है तो स्कूल, ब्रांड और रेपुटेशन, मान्यता और ग्रेड छात्रों और नियोक्ताओं दोनों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।
नीचे शीर्ष 10 सर्वश्रेष्ठ बिजनेस स्कूलों की सूची दी जा रही है जो एमबीए प्रोग्राम में डिस्टेंस लर्निग कोर्स  प्रदान कर रहे हैं। इनका चयन ऊपर वर्णित किए गए कारकों के आधार पर किया गया है।

रैंक

संस्थान का नाम

लोकेशन (स्थान)

1

सिम्बायोसिस सैंटर ऑफ डिस्टेंस लर्निंग (SCDL)

पुणे

2

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू)

नई दिल्ली

3

आईसीएफएआई बिजनेस स्कूल हैदराबाद

हैदराबाद

4

इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी सेंटर फॉर डिस्टेंस लर्निंग

गाज़ियाबाद

5

सिक्किम मणिपाल यूनिवर्सिटी (एस एम यू)

सिक्किम

6

अमेटी यूनिवर्सिटी

नोएडा

7

अन्नामलाई यूनिवर्सिटी

तमिलनाडु

8

अलगप्पा यूनिवर्सिटी

तमिलनाडु

9

भारतीदासन यूनिवर्सिटी - सेंटर फॉर डिस्टेंस लर्निंग

तिरुचिरापल्ली

10

महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी

रोहतक

एक अनुमान के मुताबिक डिस्टेंस लर्निंग में शामिल कुल स्टूडेंट्स में से औसतन 60 से 65 फीसदी स्टूडेंट्स नौकरी पेशे से जुड़े होते हैं। जिनके लिए अपने व्यस्त समय में से रेगुलर कोर्सेज के लिए समय निकालना मुश्किल होता है। इसलिए डिस्टेंस कोर्सेज की मदद से अपनी योग्यता में इजाफा किया जा सकता है l

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